वह साल 1950 था। अमेरिका और रूस के बीच शीत युद्ध चल रहा था। रूस बड़ी संख्या में अमेरिका को डराने के लिए परमाणु बम बना रहा था। अमेरिका रूस पर जासूसी करने के लिए अपने युद्ध विमान भेज रहा था लेकिन रूस के राडार इन्हें ढूंढ कर अपने मिसाइलों से मारकर नीचे गिरा रहे थे। इस तरह से अमेरिका अपने बहुत सारे हवाई जहाज खो रहा था। रूस के राडार और मिसाइलों से बचने के लिए अमेरिका को नए तरह के युद्ध विमान चाहिए थे।

ऐसे नए तरह के युद्ध विमान बनाने के लिए अमेरिका नेवाडा राज्य के रेगिस्तान में एरिया फिफ्टी वन नामक जगह पर एक खुफिया सैनिक ठिकाना बनाया। इस जगह पर लोगों का आना जाना बहुत कम था। सैकड़ों किलोमीटर तक कोई नहीं रहता था। दुश्मन देश के जासूस और आम लोगों से बचकर यहां पर नए तरह के युद्ध विमान बनाना बहुत आसान था। दुश्मन देश के राडार से बचकर रूस पर जासूसी करने के लिए यू 2 नाम का नया युद्ध विमान इस area 51 में अमेरिकन वैज्ञानिकों ने बनाया। यह विमान उस जमाने के साधारण विमानों से कई गुना ऊंचा उड़ सकते थे। इस विमान को कई सालों तक एरिया फिफ्टी वन में टेस्ट करने के बाद रूस पर जासूसी करने के लिए भेजा गया। यह विमान रूस के सेना के ठिकाने और परमाणु बम बनाने वाले जगहों के तस्वीर लेने में सफल हुआ। यह तस्वीरें अमेरिकन सेना के लिए बहुत काम आई। लेकिन कुछ सालों बाद रूस अपने राडार और मिसाइलों से इन यू2 विमानों को खोज कर मार गिराने में सफल हुआ। इससे घबराया हुआ अमेरिका नए तरह के युद्ध विमान बनाने का आदेश अपने वैज्ञानिकों को दिया। अमेरिकी वैज्ञानिक कई साल मेहनत करके ए 12 नाम का एक नया युद्ध विमान बनाया। यह विमान यू 2 विमान से कई गुना तेज और कई गुना ऊंचा उड़ सकता था। यह विमान रूस के राडार को चकमा देकर उड़ सकता था। इस विमान के बाद एफ 117 नाइटहॉक और बोइंग वाईएफ 118 g बर्ड आफ प्रे नाम के अत्याधुनिक युद्ध विमान एरिया फिफ्टी वन में ही बनाए गए।


इस एरिया फिफ्टी वन के चारों तरफ आधुनिक बाड़ लगाई गई है । एक छोटी चींटी भी इस बाड़ को पार करने की कोशिश करें तो इस जगह के सिक्योरिटी गार्डों को पता चल जाता है। एरिया फिफ्टी वन के तरफ जाने वाली सड़कों के अंदर सेंसार लगाए गए हैं । एरिया फिफ्टी वन के तरफ जाने वाली गाड़ियों के बारे में कई किलोमीटर पहले ही इन सेंसार के वजह से पता लग जाता है। एरिया फिफ्टी वन के चारों तरफ रहने वाले पहाड़ों के ऊपर कैमरा लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए इस तरफ आने वाले लोग और गाड़ियों पर नजर रखी जाती है । एरिया फिफ्टी वन के तरफ कोई आ रहा है तो उन्हें रोककर वापस चले जाने का आदेश यहां के सिक्योरिटी गार्ड देते हैं।
वापस ना जाने पर लोगों को अरेस्ट करना या बंदूक से गोली मारने का अधिकार अमेरिकी सरकार ने यहां के सिक्योरिटी गार्डों को दिया है। एरिया फिफ्टी वन में काम करने वाले लोग रोज सुबह एक खास हवाई जहाज में काम पर आते हैं। काम खत्म होने के बाद शाम को इसी हवाई जहाज में वापस घर चले जाते हैं। एरिया फिफ्टी वन 1955 मे चालू होने के बावजूद अमेरिकी सरकार 2013 तक इस जगह को एक राज़ जैसा रखा।
एक मिलिट्री बेस को इतनी रहस्यमय तरीके से रखने से आम लोगों के दिमाग में कई सवाल पैदा हो रहे हैं। इस area 51 के आसपास में रहने वाले लोग रात में आसमान में अजीब रोशनी देखने का दावा कर रहे हैं। आसमान में कई बार तेजी से जा रहे कई यूएफओ को देखने का दावा भी कर रहे हैं।
1947 में अमेरिका के रोसवेल न्यू मैक्सिको मैं एक यूएफओ रेगिस्तान में गिर गया था। अमेरिकी सेना ने इस यूएफओ को एरिया फिफ्टी वन को ले जाकर इस पर रिसर्च कर रही है। इस दुर्घटना में कुछ मर चुके एलियंस का शरीर भी मिला था। इस यूएफओ से कुछ जिंदा एलियंस भी मिले थे। इन एलियंस को area 51 ले जाकर इन एलियंस के ऊपर अमेरिकी सरकार रिसर्च कर रही है । ऐसा यहां के लोगों का मानना है ।
लेकिन अमरीकी सरकार का कहना है कि रोसवेल न्यू मैक्सिको मैं मिली हुई चीज यूएफओ नहीं बल्कि वातावरण को अध्ययन करने के लिए भेजा गया एक गुब्बारा था.
इस area 51 में काम करके रिटायर हो चुके वैज्ञानिको ने कुछ बातें लोगों के सामने लाई है। इनमें से एक है BOYD BUSHMAN नाम के वैज्ञानिक। इन्होंने लॉकहीड मार्टिन नाम के युद्ध विमान बनाने वाली कंपनी और एरिया फिफ्टी वन में वैज्ञानिक के तौर पर काम करके रिटायर हो चुके हैं। इनके नाम पर 37 पेटेंट है । इन्होंने मरने से पहले एक विडिओ मे एरिया फिफ्टी वन में यूएफओ होने के बारे में और वहां के वैज्ञानिक यूएफओ पर रिवर्स इंजीनियरिंग करने के बारे में बताया था । इन यूएफओ से मिली टेक्नोलॉजी से अमेरिका अपने युद्ध विमानों को आधुनिकरण कर रहा है। एरिया फिफ्टी वन में वैज्ञानिक मृत एलियंस के शरीर पर अध्ययन कर रहे हैं। एरिया फिफ्टी वन में कई जिंदा एलियंस भी है और इन एलियंस के साथ मिलकर काम करने का दावा भी BOYD BUSHMAN कर रहे हैं। पिछले 70 सालों में दुनिया इतनी तरक्की करने के पीछे एरिया फिफ्टी वन में मिली एलियन टेक्नोलॉजी का हाथ है । ऐसा BOYD BUSHMAN कहते हैं।
बाब लाजर नाम के वैज्ञानिक भी एरिया फिफ्टी वन में एलियंस देखने का दावा करते हैं। एंटी ग्रेविटी टेक्नोलॉजी से काम करने वाले यूएफओ एरिया फिफ्टी वन में है और इन पर रिवर्स इंजीनियरिंग करने के काम में हिस्सा लेने का दावा बाब लाजर करते हैं।
इस area 51 के पास में ही नेवाडा स्टेट हाईवे 375 है । इस हाईवे का सरकारी कागजों में नाम extra-terrestrial हाईवे है । यहां रहने वाले लोग इसे एलियन हाईवे भी कहते हैं। इस हाईवे पर बहुत सारे लोग यूएफओ देखने का दावा करते हैं। हर साल सबसे ज्यादा अमेरिका में इसी हाईवे पर यूएफओ दिखने के मामले दर्ज होते हैं। इस area 51 के पास में हर साल कई मरे हुए जानवरों के शरीर अजीब ढंग में मिल रहे हैं। इन जानवरों के मृत शरीरों से पूरा खून गायब हो जाता है। ऐसे लगता है की जैसे कोई इनके शरीर से पूरा खून चूस लिया हो लेकिन इनके शरीर पर कोई घाव नहीं दिखता है। यहां के लोग मानते हैं कि एलियंस इन जानवरों को अपहरण करके इन पर रिसर्च करके इन्हें इस हालत में छोड़ देते हैं। अमेरिकी सरकार इस केस के ऊपर काफी समय तक जांच करने के बाद भी ऐसा क्यों हो रहा है पता नहीं चल पाया है।
अमेरिकी सरकार का कहना है कि एरिया फिफ्टी वन मे कोई यूएफओ और एलियन नहीं है बल्कि यह जगह आधुनिक युद्ध विमान और हथियार बनाने वाली एक अमेरिकी सैनिक ठिकाना है। लेकिन लोगों का मानना है की एरिया फिफ्टी वन में कुछ तो है इसलिए अमेरिकी सरकार इस जगह को आज तक एक रहस्य बनाकर रखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *